चेतना यात्रा 10 की उपलब्धियाँ”गो ग्रीन, गो डिजीटल”

तो ऐसी यात्रएँ अपने आप में ही विशेष उपलब्धि हुआ करती है, क्योंकि कोई भी सामान्य तरह से ऐसी यात्र करने की सेाच भी नहीं सकता है। प्रत्येक वर्ष अपनी गाड़ी से देश के कौने-कौने तक पहुँचना सरल कार्य नहीं है, लेकिन जब हर हिस्से में आप से जुड़े अपने लोग बैठे हो तब कठिनतम सफर भी आसान हो जाता है। एक केबल टी-वी- आपरेटर होने के नाते देशभर के ऑपरेटरों को जोड़ने व जगाने के लिए सन् 2005 में शुरू हुई चेतना यात्र निरन्तर हर वर्ष जारी है। इस वर्ष 2014 में की गई ‘गो ग्रीन, गो डिजीटल चेतना यात्र 10’ पूर्व में की गई यात्रओं से बिल्कुल अलग रहीं, क्योंकि इस यात्र में देश के सूचना व प्रसारण, पर्यावरण एंव संसदीय कार्य मन्त्री श्री प्रकाश जावड़ेकर जी स्ंवय यात्र से जुड़ गए।

माननीय प्रधानमन्त्री श्री मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘डिजीटल इण्डिया’ के लिए माननीय मन्त्री श्री प्रकाश जावड़ेकर जी ने यात्र के माध्यम से एक विशेष सन्देश देश के कौने-कौने तक पहुँचाने के लिए दिया। मन्त्री जी ने गो डिजीटल पर प्रधानमन्त्री जी के डिजीटल इण्डिया पर सन्देश दिया तो गो ग्रीन पर देश वासियों के लिए पर्यावरण एंव वनों को बचाने के लिए सन्देश दिया। चेतना यात्र 10 देश वासियों के लिए मानीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट डिजीटल इण्डिया एंव पर्यावरण पर मन्त्री जी का विशेष सन्देश लिए थी। स्वंय मन्त्री जी ने फ्रलैगाफ कर यात्र की रवानगी की अतः पूर्व में की गई यात्रओं से यह यात्र बिल्कुल अलग थी। ‘गो ग्रीन गो डिजीटल’ चेतना यात्र 10 के लिए देशभर के सभी दूरदर्शन केन्द्रों को यात्र के रूटमेप के साथ विशेष पत्र प्रसार भारती प्रमुख दिल्ली से भेजा गया था।

अतः देश के समस्त दूरदर्शन केन्द्रों पर यात्र को लेकर बहुत जिज्ञासा के साथ-साथ प्रतीक्षा भी की जा रही थी। क्योंकि 8 अगस्त 2014 को सूचना व प्रसारण मन्त्रलय में एक मीटिंग दूरदर्शन चैनलों को लेकर बुलाई गई थी, जिसमें केबल टी-वी- एक्ट के अनुसार केबल टी-वी- ऑपरेटरों द्वारा दूरदर्शन चैनलों को ना दिखलाए जाने पर विशेष मीटिंग स्वंय मन्त्री जी ले रहे थे, जहां केबल टी-वी- व्यवसाय की समस्याओं पर भी मन्त्री जी का ध्यानाकर्षण किया गया, लेकिन मन्त्री जी द्वारा समाधान के लिए ‘सम्वाद’ पर जोर दिया गया, वहीं से यात्र में सम्वाद के लिए एक नई पहल की शुरूआत हुई जिसके लिए स्वंय मन्त्री जी ने यात्र के साथ अपना एक विशेष सन्देश दिया एंव प्रसार भारती द्वारा देशभर के दूरदर्शन केन्द्रों को सम्वाद के विशेष निर्देश भी दिया गया। चेतना यात्र 10 के लिए भी यह एक बिल्कुल अलग अनुभव था, क्योंकि देशभर के केबल अी-वी- ऑपरेटरों के साथ दूरदर्शन अधिकारियों का सामंजस्य बैठाने का प्रयास करना एक बड़ी चुनोती थी, लेकिन परिणाम इतने सकारात्मक आएँगे इसका तो कतई अनुमान ही नहीं था।

शुरूआत हरियाणा के रोहतक शहर से हुई, जो कि दिल्ली से निकलने पर यात्र का पहला पड़ाव था। हरियाणा में दूरदर्शन केन्द्र हिसार में है, लेकिन यात्र के रूट में हिसार नहीं है। अतः हिसार से दूरदर्शन अधिकारी श्री जिले सिंह जाखड़ भाई कैमरा टीम को लेकर रोहतक आ गए। सिटी केबल का कन्ट्रोल रूम वहां नरेश जैन सम्भालते है, उन्ही के स्टुडियों में ऑपरेटरों के साथ दूरदर्शन अधिकारियों की मीटिंग की गई, जिसमें सर्वप्रथम मन्त्री जी का सन्देश सुनाया गया, तत्पश्चात दिल्ली में हुई उस मीटिंग का हवाला देते हुए दूरदर्शन चैनलों को केबल टी-वी- एक्ट के अनुसार प्रसारण किए जाने की बात रखी गई। रोहतक एंव आस-पास क्षेत्रें से आए समस्त केबल टी-वी- ऑपरेटरों ने दूरदर्शन अधिकारियों को आश्वस्त किया कि वह केबल टी-वी- एक्ट के अनुसार दूरदर्शन चैनलों को प्रसारित करने में कोई कोताही नहीं बरतेंगे।

रोहतक में डिजीटल प्रसारण पर चैनलों के लिए स्पेस की उनके पास कोई कमी नहीं है। इस प्रकार बहुत ही सोहार्दपूर्ण माहौल में दोनो के बीच पहली बार बहुत ही सकारात्मक बात चीत हुई। दूरदर्शन अधिकारियों के साथ केबल टी-वी- ऑपरेटरों की विशेष बैठक को दोनो ने ही न्यूज के लिए भी कवर किया एंव प्रिन्ट मीडिंया के पत्रकारों को भी इस विशेष बैठक की जानकारी दी गई। रोहतक के बाद दूसरी मीटिंग लुधियाना में हुई, जहां दूरदर्शन केन्द्र जलन्धर से श्री सतीष भाटिया एंव राम किशन विशेष तौर पर मीटिंग के लिए लुधियाना पहुंचे। पूरे पंजाब में लुधियाना से ही फास्ट वे नैटवर्क का प्रसारण पहुंचता है। फास्टवे डिजीटल टैक्नॉलाजी पर प्रसारण सर्विस उपलब्ध करवा रहा है।

अतः दूरदर्शन के सभी चैनलों का प्रसारण पूर्णतया केबल टी-वी- एक्ट के अनुसार किया जा रहा है। जलन्धर से आए दूरदर्शन अधिकारी श्री भाटिया जी डैस के लिए लुधियाना के नाडल ऑफिसर भी है। उन्हें फास्टवे प्रमुख श्री गुरदीप सिंह के साथ हुई यह मीटिंग बहुत ही सन्तोषजनक लगी। हांलाकि यात्र वहां देर शाम को पहुंची थी, अतः मीटिंग भी देर रात तक चली जिसमें दूरदर्शन अधिकारी शामिल रहे। ऐसी मीटिंग में सरकारी अधिकारियों का आफिस समय से अधिक समय लगाना वाकई इस सन्दर्भ में उनकी गम्भीरता को दर्शाता है। मीटिंग के बाद जलन्धर दूरदर्शन केन्द्र से श्री भाटिया जी विशेष तौर पर लुधियाना आए थे, जो रात में ही वापिस जलन्धर के लिए रवाना हो गए।

लुधियाना के बाद यात्र का अगला पड़ाव जम्मू था, वहां जम्मू दूरदर्शन केन्द्र में मीटिंग बुलाई गई थी, वहां के श्री रवि कुमार लगातर यात्र की जानकारी ले रहे थे, लेकिन अकस्मात वहां आई भयंकर बाढ़ ने जम्मू का रास्ता रोक दिया। बाढ़ के कारण जम्मू एण्ड कश्मीर ना जाकर यात्र पठान कोट दूरदर्शन केन्द्र में ऑपरेटरों व दूरदर्शन अधिकारियों के साथ मीटिंग के लिए पहुंची। दूरदर्शन अधिकारी श्री सतपाल जी को पूर्व निर्धारित समय से पूर्व मीटिंग के लिए थोड़ी असुविधा तो हुई लेकिन दोनो के प्रयासों से वहां की मीटिंग भी पूर्णतः सफल रही क्योकि यहां भी फास्ट वे नैटर्वक लुधियाना की ही फीड आ रही है, अतः जो वहां से प्रसाण हो रहा है वही यहां भी उपलब्ध है, लेकिन फास्ट वे नैटर्वक के पठान कोट प्रतिनिधि मि- राजेन्द्र कुमार मेहता के साथ पठान कोट के अन्य ऑपरेटरों का सम्वाद दूरदर्शन केन्द्र पठानकोट के अधिकारी श्री सतपाल जी के साथ पूर्ण कर यात्र सीधे धर्मशाला दूरदर्शन केन्द्र पहुंची जहां दूरदर्शन अधिकारी श्री लक्ष्मन कुमार एंव ऑपरेटर बिपुल भगत, अश्विनी ठाकुर, ललित शर्मा,एंव विजय कुमार, कमल कांता आदि, यात्र की प्रतीक्षा में थे।

हिमाचल प्रदेश में अधिकाश्ां केबल टी-वी- नैटवर्क अभी एनॉलाग टैक्नॉलाजी पर ही चल रहे है। उनकी प्रसारण संख्या भी कम चैनलों की है, अतः उनके ऐसे अनेक केबल टी-वी- ऑपरेटर ऐसे भी है जिन्हें मालूम भी नहीं है कि केबल टी-वी- एक्ट के अनुसार उन्हें कौन-कौन से व कितने दूरदर्शन चैनलों का प्रसारण करना अनिवार्य है। हिमाचल में अनेक केबल टी-वी- ऑपरेटरों को डिजीटल फीड शिमला के डिजीटल कन्ट्रोल रूम से पहुंचती है एंव एनॉलाग वह स्ंवय डालकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाते है। अतः समस्याएँ तो है, जिनका निवारण पूरी तरह से तो डिजीटल (क्।ै) हो जाने पर स्वंय ही हो जाएगा, लेकिन जितने भी ऑपरेटर धमर्शाला दूरदर्शन केन्द्र में आए थे उन्हें यह स्पष्ट बता दिया गया कि कानून के अनुसार उन्हें दूरदर्शन के कौने-कौने से चैनलो को प्रसारित करना अनिवार्य है। हिमाचल में अनेक केबल टी-वी- ऑपरेटरों को डिजीटल फीड शिमला के डिजीटल कन्ट्रोल रूम से पहुंचती है एंव एनॉलाग वह स्वंय डालकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाते है।

अतः समस्याएँ तो है, जिनका निवारण पूरी तरह से तो डिजीटल (क्।ै) हो जाने पर स्वतः ही हो जाएगा, लेकिन जितने भी ऑपरेटर धमर्शाला दूरदर्शन केन्द्र में आए थे उन्हें यह स्पष्ट बता दिया गया कि कानून के अनुसार उन्हें दूरदर्शन के कौने-कौने से चैनलों को प्रसारित करना अनिवार्य है। मन्त्री जी का सन्देश एंव सम्वाद का पूर्ण सम्मान करते हुए सभी ऑपरेटरों ने आश्वस्त किया कि वह स्वंय भी एंव अन्य ऑपरेटरों को भी एक्ट के अनुसार दूरदर्शन चैनलों को प्रसारित किए जाने के लिए प्रेरित करेंगे।
यात्र की अगली मीटिंग दूरदर्शन केन्द्र शिमला में हुई जहां दूरदर्शन अधिकारी श्री अमित टण्डन, मदन मोहन, सुनील भारद्वाज, राजेश कुमार आदि के साथ प्रोडक्शन से श्रीमती धारा सरस्वती एंव केबल टी-वी- ऑपरेटरों का प्रतिनिधित्व श्री किशन सिंह चंदेल कर रहे थे जो कि बिलासपुर से दूरदर्शन केन्द्र शिमला के बुलावे पर पहंचे थें।

दूरदर्शन केन्द्र शिमला के अधिकारियों के निमन्त्रण को शायद गम्भीरता से नहीं लिया गया होगा, तभी वहां कोई अन्य प्रमुख केबल टी-वी- प्रतिनिधी नहीं था, अतः हमने वहां के प्रमुख एम-एस-ओ- श्री मुकेश मल्होत्र जी को तुरन्त मीटिंग में आने का आग्रह किया और वह शीघ्र ही मीटिंग में शामिल भी हो गए। मल्होत्र जी हिमाचल के मीडिया क्षेत्र में अधिकारियों की ओर से प्रोडक्शन विभाग से थे, श्रीमति धारा सरस्वती जी ने समस्या रखी कि शिमला दूरदर्शन केन्द्र से 3-7 कुल 4 घण्टे का प्रोग्राम बनाकर प्रसारण किया जाता है, लेकिन ऑपरेटर उसे समयानुसार नहीं दिखाते है, एंव प्रोग्राम प्रसारण हो जाने के बाद लोगो की टी-वी- स्क्रीन पर नो सिग्नल लिखा आता है जो कि बुरा लगता है।


पहली बार दूरदर्शन अधिकारियों के साथ हो रहे इस सम्वाद पर दूरदर्शन अधिकारी बहुत उत्साह एंव आशा से भरे हुए थे, जिसे ऑपरेटरों की ओर से कोई निराशा भी नहीं हुई, उसकी समस्या पर मुकेश मल्होत्र जी ने बताया कि किसी भी चैनल को डिजीटल टैक्नॉलाजी में प्रसारण के लिए डालने के लिए स्ट्रीमिंग में भी थोड़ा समय लगा करता है अतः दूरदर्शन केन्द्र द्वारा 3 बजे ट्रांस मिशन ऑन करते ही हमारे डिजीटल कन्ट्रोल रूम से प्रसारित होने लगे, सम्भव नहीं है, इसमें थोड़ा समय लगता है और रही प्रोग्राम के बाद नो सिग्नल लिखा होने की बात, उसके लिए तो दूरदर्शन केन्द्र को ही उस चैनल पर प्रोग्राम के बाद कुछ डालना होगा। इसका समाधान तो तभी सम्भव हो सकेगा, जब शिमला दूरदर्शन केन्द्र से भी हिमाचल के 24 घण्टे चैनल का प्रसारण होने लगेगा। मल्होत्र जी ने बताया कि हिमाचल में दूरदर्शन के लिए म्-6ए म्-8ए म्-9ए म्-11 एंव म्-12 पांच फ्रिक्वेंसी तो ले ही रखी है, इनके अतिरिक्त हमें पांच और फ्रिक्वेंसी दूरदर्शन को देना अनिवार्य है तब तक हम अन्य लोकप्रिय चैनलों को दशर्को तक कैसे पहुंचाए\ डिजीटल में तो हम कितने भी चैनल पहुंचा सकते है, लेकिन हिमाचल में जहां पूरी तरह से एनॉलाग ही चल रहा है, वहँा यह समस्या भी बहुत बड़ी है। इसके लिए ऐसे ट्रासमिशन जो किसी काम में नहीं आ रहे है, उन्हें बन्द किया जाना चाहिए।


शिमला से वापिसी में कसौली दूरदर्शन केन्द्र से श्री राजकुमार से सोलन में भेंट हुई, जिन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में तो फास्टवे नैटवर्क की डिजीटल फीड आती है अतः जो प्रोब्लम है वह दूरदर्शन के सभी चैनल एक्ट के अनुसार ही उपलब्ध है, जो की प्रोब्लम है। चेतना यात्र सीधे चण्डीगढ़ केन्द्र पहुंची, वहां सुमित गोयल जो कि चण्डीगढ़ के नोडल अधिकारी भी है, के साथ श्री जगजीत सिंह के साथ केबल टी-वी- आपरेटरों का प्रतिनिधित्व फास्टवे के श्री वरिन्दर सिंह एंव स-मनमोहन सिंह बाजवा ने किया। चण्डीगढ़ पूरी तरह से डिजीटल हो गया है, अतः दूरदर्शन के सभी चैनलों का प्रसारण यहां केबल टी-वी- एक्ट के अनुसार ही किया जा रहा है। चण्डीगढ़ दूरदर्शन केन्द्र के अधिकारीगण पर्यावरण को लेकर भी जागरूक दिखाई दिए, उन्होंने परिसर में कुछ औषधिय पौधे भी लगाए हुए है, एंव ग्रीनरी को बढ़ावा देने पर भी वहां अलग से जोर दिया जाता है।

वहां से अगला पड़ाव देहरादून रहा, जहां छुट्टी का दिन होने के बावजूद भी दूरदर्शन केन्द्र में मीटिंग बुलाई हुई थी। श्री मनमोहन सिंह दूरदर्शन अधिकारी देहरादूर द्वारा केबल टी-वी- ऑपरेटरों की मीटिंग हुई जिसमें उत्तरांचल केबल नैटवर्क एंव ब्लूस्काई नैटवर्क के प्रतिनिधी शशिभूषण शर्मा एंव अफजल अहमद व विनय उपस्थित थे। देहरादून दूरदर्शन केन्द्र एक हाईपावर ट्रांसमिशन (भ्च्ज्) केन्द्र है। दूरदर्शन के चैनलों को लेकर यहां भी ऑपरेटरों से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन इस तरह से रखी गई मीटिंग की प्रतीक्षा दोनो ही पक्षों को थी। देहरादून के बाद हरिद्वार दूरदर्शन केन्द्र में काफी केबल टी-वी- ऑपरेटर प्रतीक्षा में थे। हरिद्वार दूरदर्शन केन्द्र के अधिकारी श्री आर-के-सिंह, राणा, सतीव, एस-के-शर्मा आदि के साथ हरिद्वार के केबल टी-वी- ऑपरेटर व्रिजेन्द्र सिंह तोमर, दिनेश सुनेजा, भगवान दास, नरेन्द्र कुमार दल्ला, जोगिन्द्र पटेल, एंव जितेन्द्र कुमार गुप्ता (एम-एस-ओ-) भी मीटिंग में उपस्थित थे। यहां लोपावर ट्रांसमिशन (स्च्ज्) होता है, लेकिन दूरदर्शन चैनलों के लिए आपरेटरो ंसे कोई शिकायत दूरदर्शन अधिकारियों को नहीं है।

चेतना यात्र लम्बी दूरी तय कर लखनऊ पहुंची। लखनऊ में डैन एन्जाए अर्थात श्री औमेश्वर सिंह (एम-एस-ओ-) के कार्यालय में ही दूरदर्शन अधिकारियों को निमन्त्रित किया गया था। लखनऊ डैस सिटी है अतः पूर्णतः डिजीटल प्रसारण किया जा रहा है। दूरदर्शन केन्द्र लखनऊ से श्रीमति सुरजीत श्रीवास्तव के साथ श्री आर-के-द्विवेदी, के-एस-चौहान एंव विकास कटीहार मीटिंग में शामिल हुए जबकि उत्तर प्रदेश केबल टी-वी- के प्रमुख एम-एस-ओ- श्री औमेश्वर सिंह व अनिल कपूर के साथ उत्तरप्रदेश के भिन्न शहरों से आए अनेक ऑपरेटर भी शामिल हुए। दूरदर्शन चैनलों को लेकर लखनऊ में तो कोई शिकायत नहीं मिली लेकिन उत्तर प्रदेश में जहां एनॉलाग प्रसारण होता है वहां से ऐसी शिकायतें मिलती हैं कि नियमानुसार दूरदर्शन चैनलों का प्रसारण नहीं कर पा रहे हैं ऑपरेटर। औमेश्वर जी ने आश्वासन दिया कि ऐसी शिकायतों को दूर किए जाने के लिए वह पूरी कोशिश करेंगे। लखनऊ मीटिंग में यह भी तय हुआ कि ऐसी मीटिंग भविष्य में भी जारी रहेंगी।

लखनऊ से यात्र इलाहाबाद होते हुए पटना पहुंची। इलाहाबाद में विश्वकर्मा डे की पूरी छुट्टी थी अतः वहां दूरदर्शन अधिकारियों के साथ मीटिंग नहीं हो सकी, जबकि केबल टी-वी- ऑपरेटर एंव एम-एस-ओ- के साथ सिल्वरलाइन (एम-एस-ओ-) ऑफिस में मीटिंग रखी गई थी। इलाहाबाद भी डैस सिटी है अतः दूरदर्शन चैनलों को लेकर कोई शिकायत नहीं है। कुल पांच एम-एस-ओ- हैथवे, डैन, सिटी केबल, स्काई नैट एंव सिल्वरलाइन इलाहाबाद में केबल टी-वी- सेवा दे रहे है। पूरे उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद का स्थान केबल टी-वी- में कुछ अलग है। पटना दूरदर्शन केन्द्र में वहां के एम-एस-ओ- व ऑपरेटरों के साथ हुई मीटिंग में दूरदर्शन अधिकारियों में श्री दीपक कुमार एंव ध्रुव कुमार श्री वास्तव एंव श्री पी-एन- सिंह (स्टेशन डायरेक्टर डी-डी- बिहार) एंव एम-एस-ओ- अंजनी कुमार सिंह (दर्श), रन्जन कुमार (मोर्य), राना अमिताभ (जी-टी-पी-एल-) एंव नवीन कुमार व प्रकाश कुमार (सिटी मौर्या) शामिल थे।

पटना से बिहार का एक चैनल डी-डी- बिहार चौबीस घण्टे प्रसारित किया जाता है। पटना भी डैस सिटी है अतः पटना में दूरदर्शन चैनलों को लेकर कोई श्किायत नहीं है, लेकिन पटना मीटिंग में कुल 27 केबल टी-वी- नैटवर्क की सूची दी गई जिनमें दूरदर्शन चैनलों को नियमानुसार नहीं प्रसारित किया जा रहा है। उनमें से मात्र 7 ऑपरेटरों के फोन नम्बर भी थे जबकि शेष 20 नैटवर्क एंव शहरों के ही नाम थे। उन ऑपरेटरों से सम्पर्क करने पर जानकारी मिली कि दूरदर्शन केन्द्र पटना द्वारा दिया गया ऑपरेटरों का डेटा बहुत पुराना है, जबकि वर्तमान स्थितियँा बदल चुकी है।

अतः दूरदर्शन अधिकारियों को सुझाव दिया गया कि फिर से निरीक्षण करने की आवश्यक्ता है, केबल टी-वी- में अब बहुत कुछ बदल रहा है। पटना के बाद लखीसराय दूरदर्शन केन्द्र में वहां के केबल टी-वी- ऑपरेटरों के साथ हुई मीटिंग में ऑपरेटरों की दूरदर्शन केन्द्र के खिलाफ शिकायत मिली कि अक्सर यहां बिजली गुल रहती है लेकिन दूरदर्शन केन्द्र के इस ट्रांसमिशन केन्द्र से ट्रासमिशन ही बन्द रहता है, क्योंकि यहां बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। दूरदर्शन अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि व्यवस्था तो है लेकिन खराब है आदि-आदि। लखीसराय के बाद देवघर दूरदर्शन केन्द्र में मीटिंग हुई, वहां दो नैटवर्क चलते है। उनमें एक कार्तिक ठाकुर का वहीं 100 चैनलों का कन्ट्रोल रूम लगा हुआ है। वह केबल टी-वी- एक्ट के अनुसार दूरदर्शन के पांचों चैनलो का प्रसारण कर रहे है, लेकिन दूसरे नैटवर्क बाबा दर्शन देवघर की धनबाद से सिटी केबल की फीड आ रही है अतः फीड में जैसा भी आ रहा है उसे ही वह आगे रीट्रांसमिट कर रहे है, उसकी कमी एम-एस-ओ- तक पहुंचाने और भविष्य में सुधार करने का आश्वासन ऑपरेटरों ने दूरदर्शन अधिकारियों को दिया। दूरदर्शन अधिकारी संजीव कुमार एंव आशुतोष बिमल सहित सभी ऑपरेटर भी मीटिंग में शामिल रहे।


इस मार्ग पर सड़को की स्थिती बहुत ज्यादा दयनीय है, लेकिन देवघर के बाद यात्र सीधे धनबाद दूरदर्शन केन्द्र पहुंची जहां ए-पी-सिंह, बी-बी- सिंह, जे-के- सिंह, पप्पू कुमार, पार्थ सार्थी व संजीव कुमार आदि दूरदर्शन कर्मचारियों के साथ अनेक केबल टी-वी- ऑपरेटर प्रतीक्षा रत थे।
धनबाद के ऑपरेटरों के साथ दूरदर्शन कर्मचारियों की इस तरह एक साथ यह भेंट पहली बार हो रही थी, लेकिन दूरदर्शन चैनलों को लेकर कोई शिकायत नहीं थी। धनबाद मीटिंग के बाद यात्र बोकारो पहुंची जहां दूरदर्शन केन्द्र बोकारों में केबल टी-वी- ऑपरेटर बड़ी सख्ंया में उपस्थित थे। बोकारो में केबल टी-वी- ऑपरेटरों के प्रमुख अजय कुमार सिंह ने चेतना यात्र-10 का प्रयोजन एंव माननीय मन्त्री जी का सन्देश सबको विस्तार से समझाया, जबकि संजीव कुमार, ए-पी-सिंह बोकारो दूरदर्शन केन्द्र की ओर से मीटिंग में शामिल थे। कोई समस्या नहीं, बहुत ही सोहार्द पूर्ण माहौल में दोनो के बीच मीटिंग हुई यही वहां की विशेष उपलब्धी रही।


यहां से सीधे रांची दूरदर्शन केन्द्र में मीटिंग हुई श्री चन्द्रशेखर दूरदर्शन केन्द्र रांची के वरिष्ठ अधिकारी एंव एम-एस-ओ- रांची अथवा उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे। रांची में डैन, जी-टी-पी-एल एंव मंथन सभी का नैटवर्क है, लेकिन मंथन का ही एक कन्ट्रोल रूम यहां है, बाकी की फीड कोलकाता से आ रही है। शिकायत कोई नहीं है, लेकिन आपस में दोनो के बीच सामजस्य स्थापित किए जाने की जरूरत थी, जिसकी शुरूआत इस मीटिंग से हो गई है। रांची के बाद आखिरी मीटिंग जमशेदपुर में वहां के एम-एस-ओ- के साथ हुई। उसके बाद यात्र सीधे पुरूजिया होते हुए बौकुरा, दुर्गापुर, वर्धमान के ऑपरेटरों से मिलते हुए देर शाम कोलकाता दूरदर्शन केन्द्र पहुंची। कोलकाता डैस सिटी है, यहां कुल दस एम-एस-ओ- का डिजीटल नैटवर्क चल रहा है। मीटिंग के लिए दूरदर्शन केन्द्र कोलकाता के अधिकारियों को ऑफिस टाईम के बाद देर तक प्रतीक्षा करनी पड़ी लेकिन अच्छी बात यह रही कि एम-एस-ओ- प्रतिनिधी भी मीटिंग में उपस्थित रहे।

दूरदर्शन अधिकारी सुधीर चौधरी, रजत बोस, रविन्द्र चन्द्र दत्ता, शिलादित्य घोष आदि के साथ चन्द्रनाथ (मंथन), तापस कुमार दास (सिटी केबल) आदि भी शामिल रहे। दूरदर्शन चैनलों को प्रसारित तो किया जा रहा है लेकिन वह कर नुसार नहीं था। कोलकाता दूरदर्शन केन्द्र से 24 घण्टे डी-डी- बांग्ला का भी प्रसारण किया जाता है। यहां यह भी शिकायत मिली कि दूरदर्शन चैनलों को सी बैण्डडिश से रिसीव कर के यू बैण्ड से रिसीव कर प्रसारण किया जाता है जिससे कि चैनलो की क्वालिटी घट जाती है अतः सभी एम-एस-ओ- से आग्रह किया गया कि उन्हें केबल टी-वी- एक्ट का पूर्णतया पालन करना चाहिए। कोलकाता में दुर्गा पूजा की तैयारियां पूरे जोर से चल रही है। पूरी तरह से छुट्टी के मूड में होता है इन दिनों पूरा बंगाल। कोलकाता मीटिंग के बाद उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर के दूरदर्शन केन्द्र में मीटिंग हुई। भुवनेश्वर दूरदर्शन केन्द्र में श्रीमति जयन्ती मंजारी रति (डी-डी-जी- प्रोगाम) एल-के-प्रधान (डी-डी-जी-सी-ई), पी-के- महापात्र (डिपटी डायरेक्टर ई) एंव सी-एस-दास, ए-एम-राव सहित वहंसा के प्रमुख एम-एस-ओ- ओरटैल के वरिष्ठ प्रतिनिधी एंव दूसरे एम-एस-ओ- वैरायटी एण्टरटेन्मैंट के प्रतिनिधि डी न्यूरन दिवाकर प्रसाद दास (नोडल ऑफिसर), अरूण कुमार, सी-एस-नागेश्वर राव, दीपक कुमार, सुमांशु मोहन्ती प्रणब बन्धु आदि मीटिंग में शामिल रहे। भुवनेश्वर से 24 घण्टे डी-डी- उड़िया चैनल प्रसारित किया जाता है। इन चैनल पर दशर्को से जुड़ने के लिए दर्शक दरबार एंव रीवर्स लैटर्स जैसे कार्यक्रमों का भी प्रसारण किया जाता है।


ऐसे कार्यक्रमों में कई सवालों के जवाब देने के लिए केबल टी-वी- ऑपरेटरों को भी बुलाया जाता है। यहां भी शिकायत के-यू-बैण्ड से रिसीव किए जाने की ही मिली, जिसे एम-एस-ओ- ने सुधार भी लिया। भुवनेश्वर के बाद सीधे सम्बनपुर दूरदर्शन केन्द्र में मीटिंग रखी हुई है, लेकिन सम्बलपुर मार्ग में राधा खोल एवं बोद्ध में लो पावर ट्रॅासमिशन केन्द्रों में भी दूरदर्शन कर्मचारियों के साथ वह के केबल टी-वी- ऑपरेटरों से भी भेट हुई। राधा खोल में आशिष कुमार साहू एवं बोद्ध मे सत्यमदास दूरदर्शन कर्मचारियों सहित मुकुन्द प्रधान एंव पूर्णाचंद ऑपरेटरों से मिलते हुए यात्र सम्बलपुर दूरदर्शन केन्द्र पहुंची जहां श्रीमति का कोकालि पाल डिप्टी डायरेक्टर (प्रोगा) उमाकान्त साहू, एम-प्रधान दूरदर्शन कर्मचारियों के साथ केबल टी-वी- ऑपरेटर भी शामिल हुए। सम्बलपुर में भुवनेश्वर की फीड ही आ रही है, लेकिन वहां से केवल डिजीटल फीड ही सम्बलपुर पहुंचती है जबकि 96 चैनलों का एनॉलाग कन्ट्रोल रूम सम्बलपुर में ही लगा हुआ है। सम्बलपुर में दूरदर्शन चैनलों को लेकर मिली शिकायतो पर केबल टी-वी- ऑपरेटरों का ध्यान खींचा गया कि केबल टी-वी- एक्ट का पूर्णतया पालन करना प्रत्येक केबल टी-वी- आपरेटर की जिम्मेदारी है, अतः अपने प्रासरण में सुधार करें।

सम्बलपुर के बाद छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रैस क्लब में मीटिंग रखी गई थी, वहीं दूरदर्शन केन्द्र बिलासपुर से पीयूष कुमार झा भी उपस्थित रहे। मीटिंग के बाद यात्र मध्यप्रदेश के लिए रवाना हो गई। जबलपुर दूरदर्शन केन्द्र में श्री अविनाश दुर्गे (डिप्टी डायरेक्टर), डी-एन-द्विवेदी एंव टी-एच-अन्सारी मीटिंग में शामिल हुए जबकि अनेक केबल टी-वी- ऑपरेटरों सहित एम-एस-ओ- प्रतिनिधि भी उपास्थित रहे। यहां भी कई एम-एस-ओ- का नैटवर्क है, लेकिन कन्ट्रोल रूम केवल एक ही सैल नैटवर्क का है। बाकी एम-एस-ओ- की फीड दूसरे शहरों से आ रही है। भास्कर की भोपाल से, यू-सी-एन- की नागपुर से, सिटी केबल की मुम्बई से हाथवे की इन्दौर से फीड आ रही है। डैस सिटी होने के कारण पूर्णतया डिजीटल प्रसारण यहां हो रहा है अतः दूरदर्शन चैनलों को लेकर कोई शिकायत भी यहां नहीं है।

यहां से यात्र नागपुर दूरदर्शन केन्द्र पहुंची जहां दूरदर्शन अधिकारी एम- के डहाके, बी-बी- ठाकरे आदि के साथ भेंट कर यात्र हैदराबाद के लिए रवाना हो गई। क्योंकि नागपुर रविवार होने के कारण मीटिंग नहीं बुलाई जा सकी थी। हैदराबाद का यह मार्ग बहुत बुरी हालत में है, देर रात में नागपुर से हैदराबाद पहुंची यात्र। दूरदर्शन केन्द्र हैदराबाद में श्री रविकान्त बाबू, बी श्रीनिवास राव, एन-माधव रेड्डी के साथ वहां के एम-एस-ओ- बी वेनु गोपाल (हैदराबाद केबल डिजीटल), आरफारी (आर-वी-आर- इन्फ्रास्ट्रकचर), आई-आर-एस- रवि शंकर (हैथवे), आई-एस- रामाकृष्णन (सिटी केबल), एवं के-हरीश आदि मीटिंग में उपस्थित रहे। डैस सिटी होने के कारण दूरदर्शन चैनलों का प्रसारण तो हो रहा है, लेकिन उन्हें चैनलों के जोनर में नहीं रखा गया है ।

डैस एरिया को लेकर भी यहां कुछ कन्फ्रयूजन है अतः कहीं-कहीं एनॉलाग भी चलाया जा रहा है, वहां दूरदर्शन चैनलों के लिए केबल टी-वी- एक्ट का उल्लघन हो रहा है अतः सभी एम-एस-ओ- के साथ बहुत ही सौहार्द पूर्ण वातावरण में हुई यह मीटिंग एक सकारात्मक परिणाम के साथ सम्पन्न हुई। यहां अभी हाल में ही नया राज्य ‘तेलगाना’ बना है अतः दो दिन पूर्व ही 42 सितम्बर 2014 को एक नया चैनल सप्तागिरी तेलगाना का 24 घण्टे प्रसारण शुरू किया गया है, जिसका प्रसारण करना भी यहां के ऑपरेटरों के लिए अनिवार्या है, लेकिन तेंलगाना के केबल टी-वी- ऑपरेटरों को इस नए चैनल के बारे में मालूम ही नहीं है। इसी तरह से सप्तागिरी आन्ध्रा 24 घण्टे चैनल का प्रसारण विजयवाडा से शुरू किया गया है।

हैदराबाद मीटिंग के बाद सीधे दूरदर्शन केन्द्र महबूब नगर में मीटिंग हुई जहां दूरदर्शन अधिकारी श्री पी-सत्या नारायण एन- दक्षिणा मूर्ति के साथ वहां के ऑपरेटर जी-एस-रेड्डी, नवीन कुमार के-सत्या नारायन, आदि मीटिंग में शामिल हुए। यहां अभी एनॉलाग टैक्नॅालाजी पर ही केबल टी-वी- चल रहा है लेकिन शीध्र ही डिजीटल की तैयारी में है केबल टी-वी- ऑपरेटर। केबल टी-वी- एक्ट के प्रति उनकी जिम्मेदारी की बात उन्हें समझाते हुए दूरदर्शन चैनलों मे से कौन से चैनलों का प्रसारण उनके लिए अनिवार्य है बताया गया। हांलाकि महबूब नगर दूरदर्शन केन्द्र को उनसे कोई शिकायत नहीं थी। यहां से आगे कर्नल दूरदर्शन केन्द्र में मीटिंग रखी गई थी, दूरदर्शन अधिकारी श्री एन दक्षिणामूर्ति के साथ केबल टी-वी- ऑपरेटरों की एसोसिएशन अध्यक्ष श्री जे-रमेश एंव रामाकृष्णा (सिटी केबल) सहित अनेक आपरेटर मीटिंग में शामिल हुए।

दूरदर्शन केन्द्र कुर्नूल को ऑपरेटरों से कोई शिकायत नहीं थी, लेकिन यात्र का प्रयोजन सहित उन्हें केबल टी-वी- एक्ट के प्रति जानकारी दी गई। कुर्नल मीटिंग के बाद अलगी मीटिंग के लिए नान्दयाल में प्रतीक्षा की जा रही थी, अतः शीध्र ही कुर्नूल से नान्दयाल पहुंची यात्र। नान्दयाल में यात्र का भव्य स्वागत किया गया, जगह-जगह यात्र के स्वागत के लिए होडिंग लगाए गए थे, एंव भारी सख्ंया में केवल टी-वी- ऑपरेटर वहां पहुंचे हुए थे। नान्दयाल में केबल टी-वी- अपरेटर श्री जया चन्द्र रेड्डी द्वारा डिजीटल कन्ट्रोल रूम लगाया गया थाग उन्हंीं के ऑफिस में ही वहां के दूरदर्शन अधिकारी श्री एन- प्रभाकर रेड्डी को निमन्त्रित किया गया था।

डिजीटल होने के कारण दूरदर्शन चैनलों के प्रसारण पर कोई शिकायत भी नहीं थी। वहां डिजीटल के लिए डैस लायसेंस सहित अन्य जानकारियों पर उन्हें अपग्रेड कर यात्र वहां से अगले पड़ाव की ओर बढ़ चली। तमिलनाडू में केबल टी-वी- कार्य वहां की सरकार ही देखती है, अतः वहां की सरकार को केबल टी-वी- एक्ट के प्रति कुछ भी बात करना बेमानी लगता है। जबकि वहां की मुख्यमन्त्री की अभी-अभी गिरफ्रतारी होने के कारण वहां का महौल ठीक सा नहीं प्रतीत हो रहा है। अतः यहां से सीधे पाण्डिचेरी पहुंची यात्र। पाण्डिचेरी दूरदर्शन केन्द्र में विश्वकर्मा पूजा में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, वहां के सभी पांचो एम-एस-ओ- के साथ दूरदर्शन अधिकारी श्री वी- निवास वराधय भी मीटिंग में शामिल हुए। दूरदर्शन चैनलों को लेकर कोई शिकायत नहीं है।

पाण्डिचेरी में डिजीटल के साथ-साथ एनॉलाग प्रसारण भी अभी चल रहा है, लेकिन वहां डिजीटल पर जाने की तैयारियां चल रही है। पाण्डिचेरी के एम-एस-ओ- ई- सतीश,के- सरावनम, ई-जे- मुरूगम- जी- सलेम आर र्पापूगंज एंव ए-मोहम्द, सलीम आदि के साथ पाण्डिचेरी में डैस की भावी सम्भावनाओं पर चर्चा हुई। पाण्डिचेरी के बाद यात्र तमिलनाडू के कुडॅलूर शहर पहुंची, वहां केबल टी-वी- ऑपरेटर के कन्ट्रोल रूम पर ही दूरदर्शन अधिकारी के साथ भेंट हुई। तमिलनाडू में केबल टी-वी- पूर्णतया वहां की सरकार के आधीन चलता है अतः केबल टी-वी- ऑपरेटर के ऑफिस में एक स्पेशल रिवेन्यु इन्स्पैक्टर आर- राजेन्द्रम भी उपस्थित रहे। वहां के केबल टी-वी- ऑपरेटर आर- मुरली द्वारा अभी कुल 90 चैनल एनॉलाग पर चलाए जा रहे है। लेकिन नियन्त्रण पूरी तरह से वहां की राज्य सरकार का ही है।

कुडॉलूर जैसी ही स्थिती पूरे तमिलनाडू की है अतः यात्र तमिलनाडू से केरल त्रिवेन्द्रम दूरदर्शन केन्द्र पहुंची, वहां दूरदर्शन अधिकारी श्री आर-कृष्णा दास, एस- विजय कुमार के-एस- मोले सहित अन्य प्रमुख कर्मचारी एंव केबल टी-वी- ऑपरेटरों में कुल तीन एम-एस-ओ- एशिया नैट, डैन एंव के-सी-सी-एन- का नैटवर्क चलता है। यहां डिजीटल सेवा उपलब्ध है अतः दूरदर्शन चैनलों को लेकर कोई समस्या नहीं है। तीनो ंनैटवर्क के प्रतिनिधि मीटिग में शामिल रहे। केरल में केबल टी-वी- ऑपरेटरों की एसोसिएशन बहुत मजबूत होने के साथ को कोपरेटिव तरीके से केबल टी-वी- संचालन भी करती है, अतः दूरदर्शन केन्द्र त्रिवेन्द्रम की मीटिंग में वहां के अनेक प्रमुख ऑपरेटर भी शामिल हुए। दूरदर्शन केन्द्र की ओर से सभी के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई। यहां से सीधे कोच्ची दूरदर्शन केन्द्र पहुंची यात्र, जहां दूरदर्शन अधिकारी श्री के-गोपा कुमार के साथ केबल टी-वी- ऑपरेटर प्रतीक्षा रत थे।


ज्यादा नैटर्वक सर्विस दे रहे है, इनमें एशिया नैट, डैन, के-सी-सी-एन- के अतिरिक्त सिटी केबल, भूमिका, टैन, क्लिय विजन एंव आर- एण्टरटेमैंट नैटवर्क भी चल रहे है। सभी डिजीटल सेवा दे रहे है, अतः दूरदर्शन चैनलों को लेकर समस्या नहीं है। केरल में तकरीबन कुल मिलाकर 250 से अधिक लोकल चैनलों का प्रसारण किया जाता है, जबकि केबल टी-वी- ऑपरेटरों की दो एसोसिएशन को ऑपरेटिव तरीके में केबल टी-वी- का संचालन भी करती है। कोच्ची के बाद यात्र त्रिशूर दूरदर्शन केन्द्र पहुंची। त्रिशूर दूरदर्शन केन्द्र में पहले से ही काफी केबल टी-वी- आपरेटर आस-पास के क्षेत्रे से भी पहुंचे हुए थे।
यहां भी एशिया नैट, डैन सिटी केबल एंव के-सी-सी-एल- द्वारा केबल टी-वी- सेवा उपलब्ध करवाई जाती है। डिजीटल प्रसारण के कारण दूरदर्शन चैनलों को लेकर कोई समस्या नहीं है। दूरदर्शन अधिकारी त्रिशूर श्री सुब्राहमयम् सहित बीजू एम-जी (केरला विजन लि-), सुरेश कुमार पी-पी-(के-सी-सी-एल-) प्रसाद एस-, ई-वी- अब्दुल गटूर, शाना वस टी- अनन्त राम के- आदि ऑपरेटर भी मीटिंग में शामिल हुए।

त्रिशूर के बाद कोजीकोड दूरदर्शन केन्द्र पहुंची यात्र जहां यात्र के स्वागत में विशेष बैनर भी लगाए गए थे। कोजीकोड दूरदर्शन केन्द्र में पालककाड़ एंव आस-पास के अन्य शहरों के केबल टी-वी- ऑपरेटर भी पहुंचे हुए थे। यहां भी डिजीटल प्रसारण हो रहा है अतः दूरदर्शन चैनलों को लेकर कोई श्किायत नहीं है। केरल में यह आखिरी मीटिंग थी, यहां दूरदर्शन केन्द्रों में यात्र को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला एंव सभी मीटिंग्स में एम-एस-ओ- व केबल टी-वी- ऑपरेटरों की सख्ंया भी काफी रही। केरल के बाद कर्नाटक के लिए मैसूर से यात्र की शुरूआत हुई। मैसूर सें केबल टी-वी- की फीड बग्ंलौर से आ रही है और बंगलौर एक डैस सिटी है अतः यहां भी दूरर्शन चैनलों के लिए कोई समस्या नहीं है। बगंलौर पूर्णतया डैस हो गया है। यहां डैन, हैथवे, इन केबल, इम्पलैक्स, एक्ट, आल डिजीटल, केजिन, ई इन्फ्रास्ट्रकचर आदि नैटवर्क सेवा दे रहे है।


कर्नाटक के शिमोगा दूरदर्शन केन्द्र में मीटिंग रखी गई, जिसमे आस-पास के शहरों से भी ऑपरेटर शामिल हुए। शिमोगा दूरदर्शन केन्द्र की अधिकारी श्रीमति जीवा सहित अन्य दूरदर्शन कर्मचारियों के साथ केबल टी-वी- ऑपरेटरों की मीटिंग में केबल टी-वी- एक्ट के अनुसार दूरदर्शन चैनलों का प्रसारण किए जाने पर पूरी जानकारी दी गई। शिमोगा दूरदर्शन केन्द्र पर केबल टी-वी- ऑपरेटर नजदीकी शहरों से भी बड़ी सख्ंया में आए हुए थे। शिमोगा से दावणगिरी- हुबली आपरेटरों के साथ मीटिंग व स्वागत होते हुए यात्र का महाराष्ट्र में कोल्हापुर से प्रवेश हुआ। पूना में दूरदर्शन केन्द्र द्वारा यात्र की कवरेज की गई और फिर सीधे मुम्बई महानगरी पहुंची यात्र। मुम्बई दूरदर्शन केन्द्र की अधिकारी श्रीमति उज्जवला चन्द्रमोर को साथ लेकर टाटा स्काई (डी-टी-एच-) के ऑफिस में उनके प्रमुख श्री हरित नागपाल के साथ मीटिंग हुई।

नागपाल जी ने बताया कि अभी उनके डी-टी-एच- पर दूरदर्शन के 19 चैनलों का प्रसारण किया जा रहा है। अभी हमारे पास स्पेस नहीं है, हम इसके लिए तैयारी में है, शीघ्र ही शायद 3-4 महीनों में हमें कुछ स्पेस मिल जाने की उम्मीद है। जैसे ही हमे थोड़ा स्पेस मिलेगा हम दूरदर्शन के बाकी चैनलों को भी कैरी करेंगे। टाटा स्काई के प्रमुख श्री हरित नागपाल जी ने अपने ऑफिस में ही लंच भी रखा हुआ था।


टाटा स्काई के साथ मीटिंग के बाद दूरदर्शन केन्द्र मुम्बई मीटिंग रखी गई थी। मुम्बई दूरदर्शन केन्द्र की मीटिंग में मुम्बई के प्रमुख एम-एस-ओ- से यह बात रखी गई कि दूरदर्शन चैनलों के बारे में कुछ भी जानकारी के लिए किसी ऐसे अधिकारी का नाम हमें दिया जाना चाहिए जिसे टैक्निकल नोलिज भी हो।
इन केबल से आए उमेष चन्द दाल्वी ने बताया कि दूरदर्शन चैनलों में कभी-कभी ऑडियों की शिकायत मिलती है कि कभी ऑडियों कण्टेट्ंस के साथ मैच नहीं करती तो कभी-कभी उसमें एफ-एम- की ऑडियो मिक्स हो जाती है अतः हमें किसी दूरदर्शन अधिकारी का कान्टेक्ट दिया जाना चाहिए। दूरदर्शन अधिकारी श्रीमति उज्जवला चन्द्रामोर की शिकायत कि ऑपरेटर के-यू-बैण्ड से दूरदर्शन चैनलों को रिसीव करते है, को भी भविष्य में ना करने का आश्वासन दिया एंव होटलों में दूरदर्शन चैनलों का नहीं दिखाई देने पर एम-एस-ओ- की ओर से बताया गया कि मुम्बई में पूरी तरह से डिजीटल मोड में चल रहा है केबल टी-वी-, जिन होटलों मे भी केबल टी-वी- ऑपरेटरों द्वारा सेवा दी जा रही है, वहां दूरदर्शन चैनल भी उपलब्ध है, लेकिन कई बड़े होटलों में अपना एनॉलाग प्रसारण किया जाता है, उसके लिए सरकार को ही देखना होगा, उसके लिए केबल टी-वी- ऑपरेटरों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

मुम्बई दूरदर्शन केन्द्र की मीटिंग के बाद अन्य एम-एस-ओ- ऑपरेटरों से भेंट कर यात्र सूरत दूरदर्शन केन्द्र पहुंची, जहां दूरदर्शन अधिकारी श्री जितेन्द्र एस- हाण्डा, हरीष एन-पटेल के साथ सूरत एम-एस-ओ- के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सूरत पूर्णतया डिजीटल पर है अतः दूरदर्शन चैनलों के लेकर कोई शिकायत नहीं है। सूरत की मीटिंग से निबट कर यात्र सिधे वड़ोदरा दूरदर्शन केन्द्र पहुंची जहां दूरदर्शन अधिकारी श्री आर-एच-शाह एंव संजय भट्ट एंव अनुराग भाटिया के साथ वहां के एम-एस-ओ- प्रतिनिधि मीटिंग में उपस्थित रहे। वडोदरा मे भी डिजीटल प्रसारण हो रहा है अतः दूरदर्शन चैनलों के लिए कोई शिकायत नही है। वडोदरा दूरदर्शन केन्द्र की मीटिंग के बाद अगली मीटिंग अहमदाबाद में है।


अहमदाबाद दूरदर्शन केन्द्र में दूरदर्शन अधिकारी श्री ए-के-गुप्ता, ओ-पी-बरवा, राहुल चिमन भाई महता, योगेश, अशोक व रसिक परमार आदि के साथ वहां के एम-एस-ओ- प्रतिनिधि भी शामिल हुए। अहमदाबाद दूरदर्शन केन्द्र से डी-डी-गिरनार का भी डी-डी- नेशनल पर कुछ समय के लिए प्रसारण होता है। डी-डी- गिरनार पर प्रसारित कार्यक्रमों ने दर्शको में खास लोकप्रियता हांसिल की है। अहमदाबाद भी एक डैस सिटी है अतः दूरदर्शन चैनलो को लेकर कोई शिकायत नहीं है। अहमदाबाद के बाद चेतना यात्र राजकोट होकर जूनागढ़ से सासणगीर पहुंची, वहीं दीव के ऑपरेटर भी पहचान गए, उनके साथ गीर में मीटिंग कर यात्र लम्बा सफर कर मेहसाना पहुंची, जहां दूरदर्शन अधिकारी श्रीमति आशा जी अपनी शिकायतों के साथ प्रतीक्षा में थी।


मेहसाना जी-टी-पी-एल- के ऑफिस में ही मीटिंग रखी गई थी, जहां अन्य केबल टी-वी- ऑपरेटरों को भी बुलाया गया था। आशा जी की शिकायत थी कि यहां केबल टी-वी- एक्ट के अनुसार दूरदर्शन चैनलों का प्रसारण नहीं कर रहे है, जबकि मेहसाना में अलग से कन्ट्रोल रूम नहीं है, यहां अहमदाबाद से फीड आ रही है। अतः अहमदाबाद कन्ट्रोल रूम को श्रीमति आशा जी की शिकायत दर्ज करवाते हुए उन्हें सुधार के लिए आग्रह कर दिया गया। अहमदाबाद के बाद यात्र का सफर तो राजस्थान-मध्यप्रदेश के भिन्न- भिन्न शहरों में काफी लम्बा रहा लेकिन दूरर्शन केन्द्र जयपुर में एक मीटिंग और हुई।


जिसमे दूरदर्शन अधिकारी श्री आर-एस-त्यागी, महेश सी- पालीवाल, एम-सी- बंसल सहित वहां के प्रमुख एम-एस-ओ- प्रतिनिधि भी शामिल हुए। डैस सिटी होेने के कारण दूरदर्शन चैनलों को लेकर ज्यादा शिकायत नहीं थी लेकिन चैनलों को जोनर में नहीं चलाया जा रहा है एंव बिलिंग नहीं की जा रही है, शिकायतों पर ध्यान देने का उन सबसे आग्रह कर जयपुर से सीधे दिल्ली पहुँच गई यात्र। कुल 50 दिनों में तकरीबन 27 हजार किलोमीटर की सफल यात्र कर दिल्ली में माननीय श्री प्रकाश जावडेकर जी सूचना व प्रसारण, पर्यावरण वन एंव संसदीय कार्य मन्त्री भारत सरकार को रिपोर्ट कर यह यात्र सम्पन्न हो गई।

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