दिल्ली से शिमला (भांग-2)

मननीय मन्त्री महोदय श्री प्रकाश जावड़ेकर जी द्वारा फ्रलैगअॅाफ के बाद आरम्भ हुई ‘चेतना यात्र-10’ दिल्ली एन-सी-आर- व केबल टी-वी- ऑपरेटरों से विदाई एंव शुभकामनाएँ लेते हुए अपने क्षेत्र के निगम पार्षद व विधायक सहित रैजीडैन्शल वैल्फैयर एसोसिएशन और परिवार से भी शुभकामनाएँ प्राप्त कर 5जी सितम्बर 2014 की सुबह अपने गंतव्य की और रवाना हो गई। दिल्ली से निकलकर यात्र पड़ोसी राज्य हरियाणा में पहुंची सबसे पहले रोहतक में सिटी केबल के मि- नरेश जैन के साथ आमन्त्रित वहां के अन्य केबल टी-वी- ऑपरेटरों ने गर्म जोशी के साथ स्वागत किया। यात्र के स्वागत कार्यक्रम के साथ-साथ दूरदर्शन अधिकारियों के साथ केबल टी-वी- ऑपरेटरों की बैठक भी सिटी केबल रोहतक के स्टूडियों में रखी गई। हरियाणा में दूरदर्शन केन्द्र केवल हिसार में ही है अतः दूरदर्शन अधिकारी हिसार से रोहतक पहुँचे। केबल टी-वी- ऑपरेटरो के साथ इस तरह की पहली बार दूरदर्शन अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी, अतः दोनो ओर कोतुहल भी बराबर ही था। दोनो यह जानने के लिए बहुत उत्सुक थे कि ऐसी बैठक का प्रयोजन क्या है\ यात्र का स्वागत तो केबल टी-वी- ऑपरेटरों ने पूर्व में भी किया है लेकिन इस बार दूरदर्शन अधिकारियों को भी बुलाया गया है यह जानने की केबल टी-वी- ऑपरेटरो में बहुत उत्सुकता थी, जबकि दूरदर्शन अधिकारियों के लिए तो सब कुछ बिल्कुल नया-नया ही था। उन्हें इस यात्र के बारे में ऊपर से निर्देश क्यों आया है, यह जानने के लिए वह भी बहुत ज्यादा उत्सुक थे।


स्वागत-सत्कार के बाद केबल टी-वी- ऑपरेटर एवं दूरदर्शन अधिकारियों के साथ पहली बार आपसी तालमेल व दोनो के बीच साम्ंजस्य स्थापित करने का श्रेय मन्त्री श्री प्रकाश जावड़ेकर जी को जाता है कि उन्होंने केबल टी-वी- ऑपरेटरों के विरूद्ध की गई दूरदर्शन अधिकारियों की शिकायत पर 8 अगस्त को सूचना व प्रसारण मन्त्रलय में एक विशेष बैठक बुलाकर इस सन्दर्भ में समस्या को जानने की कोशिश ही नहीं की बल्कि तुरन्त समाधान की ओर भी कदम बढ़ा दिए। उस बैठक में डी-टी-एच- ऑपरेटरों के साथ एम-एस-ओ- को भी मन्त्रलय बुलाया गया एंव देशभर के केबल टी-वी- ऑपरेटरों का प्रतिनिधित्व केबल टी-वी- ऑपरेटरों की राष्ट्रीय सस्ंथा (सन् 1993 में स्थापित) ‘आल इण्डिया आविष्कार डिश एण्टिना संघ के अध्यक्ष डॅा- ए-के-रस्तोगी जी ने किया था। दूरदर्शन की समस्या के अतिरिक्त देश भर के केबल टी-वी- ऑपरेटरों का पक्ष भी डॅा-रस्तोगी जी ने वहां बड़ी मजबूती के साथ रखा था।


माननीय मन्त्री जी ने बड़ी गम्भीरता के साथ सब की बातों को सुना समझा एंव तुरन्त ही समाधान की दिशा मे बढ़ते हुए जो भी आवश्यक था निर्देश दे दिए थे। उसी के अर्न्तगत उन्होंने ‘चेतना यात्र 10’ की शुरूआत स्वंय करने की सहमति के साथ-साथ एक विशेष सन्देश भी रिकार्ड करवा कर साथ में दिया, जिसे देश के कौने-कौने में विध्मान केबल टी-वी- ऑपरेटरों तक पहुँचाने का निर्देश भी उन्होंने दिया।


केबल टी-वी- ऑपरेटरों एंव दूरदर्शन अधिकारियों के बीच सामंजस्य स्थापित करने एंव उनकी समस्याओं का निदान करने के साथ-साथ माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से कहा गया ‘डिजीटल इण्डिया’ के ड्रीम प्रोजक्ट पर आगे बढ़ने के लिए भी सबको प्रोत्साहित करने का दार्यित्व ‘गो ग्रीन गो डिजीटल’ के अर्न्तगत की जाने वाली ‘चेतना यात्र 10’ के सुपुर्द किया गया। मन्त्री महोदय द्वारा दिए गए सन्देश में पर्यावरण बचाने के लिए भी सब से सहयोंग देने के लिए भी आहवाहन किया गया है, जिसका प्रभाव सन्देश सुनने वालों पर स्पष्ट दिखाई दे जाता है, क्योंकि मन्त्री जी का सन्देश सुनने के बाद सुनने वालो की प्रतिक्रिया में डिजीटल इण्डिया के साथ पर्यावरण की रक्षा पर भी बाते की जाती है। वृक्षारोपण पर चर्चाए होती है। हरेक बैठक में दूरदर्शन अधिकारियों को पूर्णतया सन्तुष्टि होती है, उन्हे प्रतीत होता है कि ऑपरेटरों के साथ उनकी ऐसी बैठक इतनी देर से क्यों हुई यह तो बहुत पहले होनी चाहिए थी। दोनो पक्ष आपस में बड़ी आसानी से खुलकर अपनी-अपनी बातों को रख रहे है एंव इस प्रयास के द्वारा दोनो को एक दूसरे के बहुत निक्ट आने का अवसर मिला है। अभी तक की गई दोनो की मीटिंग के परिणाम आश्चर्यजनक और सकारात्मक प्राप्त हुए है।


रोहतक यात्र के दौरान भारी बारिश होती रही, जो कि रोहतक से रवाना हो जाने तक भी जारी थी। हरियाणा में दूरदर्शन केन्द्र केवल हिसार में ही है, वहां से मीटिंग में भाग लेने के लिए श्री जिले सिंह झाकड़ व कैमरामैन अश्वनी शर्मा के साथ रोहतक पहुंचे। बहुत ही गम्भीर वार्तालाप दोनो पक्षो में हुआ, मीटिंग के सकारात्मक परिणाम भविष्य में दिखाई देंगे।
क्क् द्वारा मीटिंग की कवरेज भी की गई। शीघ्र ही लगातार हो रही बारिश में रोहतक से सबकी शुभकामनाएँ समेट कर यात्र जींद पहुंची, जहां केबल टी-वी- ऑपरेटर मि- रामफूल फोर अन्य साथियों के साथ स्वागत के लिए प्रतीक्षारत थे। जींद के ऑपरेटरों की शुभकामनाएँ साथ लिए यात्र हरियाणा से सीधे पंजाब की ओर बढ़ चली जहां फास्टवे प्रमुख श्री गुरदीप सिंह एंव पंजाब दूरदर्शन केन्द्र जालन्धर

अधिकारी श्री सतीश भाटिया के साथ लुधियाना में मीटिग रखी गई थी। विशेष दौरे पर दूरदर्शन अधिकारी श्री सतीश भटिया जी जालन्धर से लुधियाना पधार रहे थे। किसी सरकारी आफिसर के लिए अपनी रैग्यूलर ड्यूटी के बाद रात्रि मे दूसरे शहर जाना पड़े तो परेशानी होना स्वाभाविक है, लेकिन मि- भाटिया जी के साथ भेंट होने पर ऐसा बिल्कुल नहीं लगा। हरियाण से पंजाब में लुधियाना पहुंचने तक लगातार बारिश भी जारी रही अतः थोडी देर से यात्र लुधियाना पहुंची जहां बड़ी बेसब्री से सभी यात्र की प्रतीक्षा कर रहे थे। पंजाब केबल टी-वी- ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष स- सन्नी गिल के साथ वहां के अन्य ऑपरेटरो द्वारा यात्र का गर्म जोशी के साथ स्वागत किया गया।


फास्टवे प्रमुख श्री गुरदीप सिंह भी यात्र की प्रतीक्षा में अभी ऑफिस में ही मौजूद थे एंव वहां के अन्य प्रमुख सरनजीत सिंह राजू, राजवन्त सिंह (राजा), बाबा जी आदि सहित पियूष (सी-ई-ओ- फास्टवे) जी भी वही प्रतीक्षारत थे। दिल्ली के मन्नी भाई जी, एस ओबराय भी गुरदीप जी के साथ मीटिंग में शामिल रहे। दूरदर्शन जालधर से लुधियाना पधारे श्री सतीश भाटिया जी ही वहां के नोडल ऑफिसर का भी दायित्व सम्भाल रहे है। भाटिया जी ने बताया कि फास्टवे पूरी तरह से केबल टी-वी- एक्ट के अनुसार दूरदर्शन चैनलों का प्रसारण कर रहे है, उनसे कोई शिकायत नहीं है। वैसे भी फास्टवे डिजीटल पर चले गए है तो डिजीटल में स्पेस की तो कोई कमी नहीं होती है। प्रॉब्लम ज्यादातर एनॉलाग में होती है। भाटिया जी ने बताया कि पंजाब में कहीं-कहीं एनॉलाग प्रसारण भी हो रहा है वहां से शिकायते मिल रही है कि दूरदर्शन चैनलों का प्रसारण कानून के अनुसार नहीं किया जा रहा है। फास्टवे नैटवर्क पर प्रसारित किए जाने वाले चैनलों का ताजा चैनल मैपिंग चार्ट दूरदर्शन अधिकारियों को दिए जाने एंव भविष्य में भी आपस में सामंजस्य बनाए रखने के लिए सहमति बनी। पूर्णतया सकारात्मक परिणाम भविष्य में आंएगे इस प्रयास से ऐसा दूरदर्शन अधिकारी श्री सतीश भाटिया जी ने देर रात मीटिंग से वापिस जालंधर जाते हुए कहा, जबकि गुरदीप जी का कहना था कि हमारा प्रसारण डिजीटल मोड़ में है, हमे दूरदर्शन के 24 चैनल क्या ज्यादा भी हो तो प्रसारण में कोई परेशानी है ही नहीं, हमारे पास स्पेस की कोई कमी नहीं है।


हम तो अपने कई लोकल चैनल भी प्रसारित कर रहे है। हमने पंजाब के प्रमुख गुरूद्वारो, मन्दिरों सहित अन्य अनेक ऐसे सस्थानो को प्रसारण से जोड़ा हुआ है, जिसे लोग देखना चाहते है। फाइबर आप्टिक के द्वारा वह 24 सौ घंटों गांव-2 तक जुड़े हुए है। पंजाब में होने वाली तमाम एक्टिविटीज को वह कवर करते है।


शनिवार-रविवार को पंजाब में इन्टरनेश्नल कबड्डी प्रतियोगिता में गुरदीप सिंह व्यस्त हो जांएगे, क्योंकि वह आर्गेनाइज टीम में शामिल है, अतः देर रात तक वह स्वंय मीटिंग में शामिल रहे। मीटिंग आधी रात के बाद खत्म हुई तब पंजाब केबल टी-वी- ऑपरेटरों की एसोसिएशन के अध्यक्ष स- सन्नीगिल हमे होटल फार्चून में रात्रि विश्राम के लिए प्रबन्ध कर रात को ही अपने घर लुधियाना से दूर शहर मोगा के लिए रवाना हो गए। जाते-जाते उन्होंने गुरदीप सिंह जी के द्वारा दिए गए विशेष निदेंश पर एक लाख रूपए का एक चैक भी भेट किया। चेतना यात्र के दौरान यात्र में अपनी आहुती भी डालने की जिम्मेदारी देश के अनेक ऑपरेटर उठाते है, इसी के अर्न्तगत फास्टवे की भेट को स्वीकार कर यात्र लुधियाना से आगे रवाना होने से पूर्व पंजाब के केबल टी-वी- ऑपरेटरों के साथ भी एक मीटिंग अगली सुबह तय हो गई।


फास्टवे के आफिस में ही पंजाब के तमाम केबल टी-वी- ऑपरेटरों का इकट्ठे होने का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था। सुबह 11 बजे तक बड़ी संख्या में ऑपरेटर मीटिंग में पहुंच चुके थे, अतः सबसे पहले उन्हे माननीय मन्त्री सूचना व प्रसारण मन्त्रलय के मन्त्री श्री प्रकाश जावड़ेकर जी द्वारा दिया गया सन्देश सुनाया। मन्त्री जी का सान्देश हरियाणा में रोहतक व जींद की मीटिंग में भी सुनाया गया था। सन्देश के बाद केबल टी-वी- ऑपरेटरों के साथ उनकी परेशानियों पर बाते हुई। पंजाब के ऑपरेटरो ने बताया कि वह अपने उपभोक्ताओं से 260/- मासिक ले रहे है, कोई कॉम्पिटिशन भी अब नहीं रहा है, लेकिन फास्टवे उनसे 110/- प्रति सैट्टॉप बॉक्स वसूल करता है। जबकि अन्य राज्यों में कम लिया जाता है। आदि अनेक तरह की उनकी परेशानियों को सुनने के बाद उन्हें तमिलनाडू की स्थिती से अवगत करवाया गया, जहां मात्र 70/- रूपए ही उपभोक्ता से लिए जा सकते है और 70/- में से 20/- रूपए अरासु केबल को भी भुगताने होते है। जबकि पंजाब जैसी स्थिती तो देश में कहीं भी नहीं है। कम्प्टीशन भी देश के हर हिस्से में आए दिन होता ही रहता है। पंजाब के ऑपरेटरों को परेशान होने का कोई कारण नहीं दिखाई देता, क्योंकि 280/-में से 110/-लेन के बाद भी ऑपरेटरों को 150/-रूपए प्रति उपभोक्ता मिल रहा है तो यह फिलहाल कम नहीं है।

केबल टी-वी- ऑपरेटरों को तकलीफ केबल देने की है, क्योंकि एनॉलाग में वह लमसम भुगतान करता आ रहा था। कनैक्शनों की पूरी संख्या के हिसाब से उसने कभी कोई भुगतान किया ही नहीं था, लेकिन डिजीटाइजेशन के बाद प्रति सेट्टॉप बॉक्स के हिसाब से उसे भुगतान करना पड़ रहा है। ऑपरेटरों को यह समझना चाहिए कि मुफ्रत में अब कोई भी अपना माल नहीं देगा। आपरेटरों को यह भी समझना होगा कि अब सरकार भी उनके व्यवसाय में हिस्सेदार बन गई है, अतः सरकार ने कानून को कुछ इस तरह से बनाया है कि गुंजाईश ही ना रहे। डिजीटल को दूसरे शब्दों में पारदर्शिता भी कहा जा सकता है। केबल टी-वी- व्यवसाय में डिजीटाईजेशन के अर्न्तगत जब पूर्णरूप से पारदर्शिता आ जाएगी तब एक भी कनैक्शन छुपा नही रह सकता है। एंव किस उपभोक्ता से कितना लिया जा रहा है, यह भी स्पष्ट हो जाएगा तब सबको अपना-अपना हिस्सा भी मिल जाएगा। अतः झगड़े की गुंजाईश ही नहीं रहेगी। केेन्द्रीय सरकार के हिस्से के मामले में भी सरकार ने तो अपना हिस्सा 12-36 सर्विस टैक्स के रूप में तय कर रखा है, जबकि राज्य सरकार अपने हिसाब से मनोरंजन कर वसूल कर रही है।


प्रति उपभोक्ता अर्थात प्रत्येंक सैट्टॉप बाक्ॅस के अनुसार कितनी राशि प्राप्त हुई, उसमे से सरकार का हिस्सा निकाल देने के बाद पे चैनलों का हिस्सा दे देने के बाद कण्डीश्नल एक्सेस सिस्टम (कैस) एंव एस-एम-एस- (ेउे) का भी मासिक भुगतान जाना है। इसके बाद सैट्टॉप बॉक्स पर लिए गए लोन की किश्त चुका देने के बाद एम-एस-ओ- के आफिस खर्चो की बारी आएगी, तब कहीं जाकर यह तय हो सकेगा कि इतना विस्तार कर उसे प्राप्त क्या हुआ। केबल टी-वी- ऑपरेटरों की भी यही स्थिति है। उसे भी प्रति सैट्टॉप बाक्ॅस क्या प्राप्त हुआ। क्योंकि अपने नैटवर्क की मैन्टीनैंस के साथ- साथ बिजली के किराये भरने के आलावा उसके ऑफिस के खर्चे भी तय है, कर्मचारियों की सैलरी निबटाने के बाद एम-एस-ओ- अगर सौ-सवा-सौ रूपए में ऑपरेटर को निबटा देना चाहता है तो सरकार का हिस्सा निकाल देने के बाद पे चैनलों को वह कितने में निबटाएगा यह महत्वपूर्ण है क्योंकि उसके भी बाकी खर्चे फिक्स है। मानाकि कैरिज और विज्ञापनों से भी एम-एस-ओ- को प्राप्ती होती है, यह ना हो तो वह भी पूरी तरह से उपभोक्ताओं से की जाने वाली उगाही पर ही निर्भर हो जाएगा, तब मुश्किले और भी बढ़ जाएगी।
आवश्यक है कि सभी हिस्सेदार सिर्फ अपने-अपने फायदे की ना सोचे बल्कि सर्वहित की सोचे तब यह केबल टी-वी- एक व्यवसाय की तरह से हो सकता है जबकि अभी तो अपनी- अपनी झोली भर लेने के चक्कर में सबके बीच तनातनी चल रही है।
पंजाब के केबल टी-वी- ऑपरेटर हो या फिर तमिलनाडू के कहीं भी शान्ति नहीं है।

शिकायतों की कहीं कोई कमी नहीं है। झगड़ने के और भी अनेक कारण है। अतः सबके बीच बेहतर सुखद पूर्ण तालमेल की जरूरत है। पैसा उपभोक्ता की जेब से ही आएगा, तभी सब में बंट पाएगा। उपभोक्ता से वसूली बढ़ाए बिना आपसी झगड़े निबट पाने बहुत कठिन होंगे। लुधियाना मीटिंग काफी लम्बी हो गई, जबकि आज जम्मू पहुचानी थी यात्र। जम्मू में दूरदर्शन केन्द्र में आपरेटरों एंव दूरदर्शन अधिकारियों की मीटिंग भी फिक्स थी, वहां कल सुबह की मीटिंग रखी हुई है। इसी बीच जानकारी मिल रही है कि जम्मू भी भयंकर बाढ़ की चपेट में आ गया है। प्राकृतिक आपदा का कहर भारी बाढ़ के रूप में पूरे जम्मू-कश्मीर पर टूटा है। इस सदी की सबसे भयंकर बाढ़ आई है, पूरे जम्मू व कश्मीर में। जम्मू जाने के रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो चूके है। जम्मूतवी पुल भी बाढ़ में बह गया है अतः वहां के हालात बहुत ज्यादा बिगड़ गए है। जम्मू-कश्मीर में आई भयंकर बाढ़ के कारण जम्मू नहीं जा सकी यात्र। लुधियाना में ही के-पी-एस- बाबा की बेटी की शादी को भी अटैण्ड किया, उन्हे ढ़ेर सारी बधाई शुभकमनाएँ देकर यात्र सीधे पठानकोट पहुंची। पठान कोट दूरदर्शन केन्द्र में मीटिंग रखी गई थी। दूरदर्शन चैनलों के प्रसारण पर पठानकोट दूरदर्शन केन्द्र को भी कोई शिकायत नहीं मिली, क्योंकि पठानकोट में भी फास्टवे लुधियाना की ही फीड चलाई जा रही है।

फास्टवे के प्रतिनिधी राजेन्द्र कुमार मेहता स्वंय दूरदर्शन केन्द्र मीटिंग में पहुंचे जहां दूरदर्शन अधिकारी सतपाल (।म्) जी के साथ केबल टी-वी- एक्ट का पालन करने पर बैठक हुई। केबल टी-वी- ऑपरेटर पठान कोट की ओर से केशव चन्दर सिंह ने प्रतिनिधित्व किया। थोड़ी बहुत शिकायतों का निवारण कर यात्र अगले पड़ाव की ओर बढ़ी तो पठान कोट केबल टी-वी- ऑपरेटरों के प्रधान राजकुमार गुप्ता से भी भेंट हुई। आपरेटरों की समस्याओं पर चर्चा के बाद यात्र पठान कोट से पालमपुर सन्दीप कक्कड़ से एंव मण्डी मे शरद मल्होत्र से भेट कर शिमला पहुंची जहां दूरदर्शन केन्द्र में मीटिंग रखी गई थी। इसी मार्ग में एक मीटिंग दूरदर्शन केन्द्र धर्मशाला में भी लक्षमन कुमार (क्ल क्पत) के साथ अन्य ऑपरेटरों की उपस्थिती में हुई। धर्मशाला दूरदर्शन केन्द्र मे केबल ऑपरेटर ललित शर्मा, अश्वनी ठाकुर, विजय कुमार, ओकारराना एंव विपुल भगत आदि शामिल रहे। यहां से आगे के वृतान्त के लिए कृप्या अगले अंक की प्रतीक्षा कीजिए।

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