सम्पन्न (भाग-7)चेतना यात्रा-जबलपुर से दिल्ली

मध्य प्रदेश में चेतना यात्र का प्रवेश कोटा राजस्थान से बारन होते हुए गुना से हुआ था, गुना का गुनाह पूर्व अंक में प्रकाशित किया जा चुका है, लेकिन यात्र जबलपुर पहुँचकर दो टायर बदलवा चुकी है। इससे पहले भी यात्र को कड़ी परीक्षा से गुजरना पडा है। इस बार यह यात्र दुबारा जबलपुर पहुची है, क्योकि केबल टी-वी- ऑपरेटर कम्युनिटी को ही समाज में आदर-सम्मान भी प्राप्त हो उसके लिए समाज में अच्छे काम करने वालो को तलाश कर उन्हे इण्डष्ट्री की ओर से सम्मानित किए जाने के लिए हमने दिल्ली से एक कार्यक्रम ‘ईमान इण्यिा सम्मान’ की शुरुआत की, जिसे देशभर के केबल टी-वी- ऑपरेटर अपने-अपने क्षेत्रे में भी आयोजित करे इस के लिए हम उन्हें प्रोत्साहित करते है।

केबल टी-वी- आपरेटरो को राष्ट्रीय सस्ंथा ‘आल इंडिया आविष्कार डिश एण्टिना संघ’ द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम को आगे बढाते हुए जबलपुर के केबल टी-वी- ऑपरेटर भाई पप्पू चौकसे द्वारा ईमान इंडिया सम्मान प्रमुख जबलपुर कार्यक्रम का आयोजन पिछले वर्ष शुरू किया गया, जो अब दूसरे पायदान पर आ गया है, इसी कार्यक्रम के आयोजन का खास प्रचार-प्रसार भी उन्होने किया है एवं अच्छे सम्मानित व्यक्तियो को निमन्त्रित किया गया हैैै। सम्मान पाने वालो की लिस्ट तो मात्र सात की ही हैै, लेकिन चयन में कोई कमी नही की गई हैै। मंच सज्जा -संचालन सहित अतिथियो के स्वागत-सत्कार को भी सदैव याद किया जाएगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जबलपुर के केबल टी-वी- दर्शको तक पहुंच रहा है। ओडियन्स में भी सज्जनों की भारी संख्या दिखाई दे रही है, पूर्णतः सफल प्रयास कहा जाएगा।


ईमान इंडिया सम्मान जबलपुर के लिए सम्मानित किए जाने वालों की ट्राफी दिल्ली से तिलक राज लेकर आए है। ईमान इंडिया सम्मान की ट्राफी एवं बैच दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम की तरह ही रखे हुए है, जिससे कि कार्यक्रम का मोल रूप बना रहे। जबलपुर के साथ-साथ शीघ्र ही देश के अन्य शहरों में ऐसे आयोजन किए जाए उसके लिए हम प्रयासरत है। जबलपुर कार्यक्रम सम्पन्न होने के तुरन्त बाद यात्र वहां से वापसी के लिए रवाना हो गई, जबकि ट्राफी सुपुर्द कर तिलक वापिस दिल्ली के लिए रवाना हो गया। ईमान इण्डिया सम्मान जबलपुर आयोजन की सफलता के लिए पप्पू चौक्से परिवार को बधाई देकर यात्र का रात्रि विश्राम सागर में हुआ। दीपावली निकट आ गई है, धनतेरस की बाजारों में खूब भीड़ दिखाई दे रही है।

सागर से सीधे ग्वालियर की और बढ़ते हुए यात्र ने झांसी को भी हाईवे से ही पास किया क्योंकि पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार 20 अक्टूबर को यात्र ने दिल्ली पहुंचना है, जबकि 18 अक्टूबर को जबलपुर में ईमान इण्डिया सम्मान का आयोजन रख दिया गया था। अभी ग्वालियर, आगरा एंव जयपुर भी मीटिंग होनी है। सड़कों पर दीपावली की रौनक बढ़ती जा रही है। रास्ते में लोगो को अपने घरों की साफ सफाई करते हुए देखा जा सकता है। यह हाईवे अच्छा है, अतः समय से पूर्व ही ग्वालियर पहुंच गई यात्र। ग्वालियर में यात्र के स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थी।

स्वागत-सत्कार के बाद यात्र को लेकर एक प्रैस गोष्ठी भी रखी गई थी, जिसमें प्रिण्ट एंव इलैक्ट्रानिक दोनो मीडिया शामिल थे। ऑपरेटरों के साथ इण्डष्ट्री भावी सम्भावनाओं पर मीटिंग के बाद ग्वालियर से यात्र आगरा के लिए रवाना हो गई। यह मार्ग उतना चकाचक नहीं रहा अतः आगरा पहुंचते-पहुंचते रात हो गई, वहीं विश्राम के लिए होटल मरीना पहुंची यात्र। हालांकि है तो यह होटल 5 स्टार लेकिन कार्पोरेट डिस्काऊट के बाद बजट में आ जाता है, अच्छा होटल है। वहीं पर रात को आगरा के प्रमुख आपरेटरों के साथ मीटिंग रही। आज का रात्रिविश्राम इस यात्र का आखिरी रात्रि विश्राम है, क्योंकि कल तो यात्र ने दिल्ली पहुंच ही जाना है। दिल्ली से पूर्व आगरा के बाद जयपुर दूरदर्शन केन्द्र में भी मीटिंग रखी हुई है। आगरा में ताजमहल, लालकिला आदि ऐतिहासिक स्थलों के अतिरिक्त आगरा का पेठा भी होता है, अतः पेठे की पैठ में पहुंच कर वहां की तस्वीरों को कैमरे में कैद किया। दिल्ली के लिए वहां से थोड़ा पेठा पैक भी करवाया और फिर आगरा से यात्र के लिए रवाना किया आगरा के पारस जैन ने। पारस जैन वहां मेरे स्कूल के सहपाठी रह चुके है।

आगरा से भरतपुर, बान्दी कुई, दौसा मार्ग से होती हुई यात्र जयपुर पहुची। जयपुर में दीपावली की भारी भीड़ बाजारों में उमड़ी पड़ी थी, जबकि मैट्रो का काम चलने के कारण कई मार्ग डाइवर्ट किए हुए थे, अतः शहर में यात्र बहुत ज्यादा कठिन हो गई थी। सीधे दूरदर्शन केन्द्र जयपुर पहुंच कर मीटिंग अटैण्ड की। ऑपरेटरों की संख्या वहां कम थी, जबकि दूरदर्शन केन्द्र द्वारा निमन्त्रण तो सभी एम-एस-ओ- को दिया गया था। दूरदर्शन चैनलों के लिए वहां पूरी तरह से केबल टी-वी- एक्ट का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसी शिकायते दूरदर्शन केन्द्र की ओर से की गई, लेकिन दीपावली का त्यौहार एंव मीटिंग के कार्यक्रम का समय रहते तय ना हो पाने के कारण उन्हें प्रोपर तरीके से सूचित नहीं किया जा सका था, अतः मीटिंग भी अधूरी ही रही। यात्र की कवरेज दूरदर्शन के लिए की गई एंव जयपुर स्थित चैनल नम्बर वन की ओर से भी कैमरे फुटेज लेने पहुंचे।

यह चैनल महिपाल निबाना सम्भाल रहे है। राजस्थान पर फोकस इस चैनल ने कम समय में अधिक पहुंच बनाई है, इसका पूरा श्रेय महिपाल की कार्यकुशलता को दिया जाएगा। आगरा से निकलते-निकलते शाम ढ़ल ही गई, जबकि आगरा से दिल्ली मार्ग पर काम चल रहा है, इसलिए अब यह हाईवे भी चकाचक नहीं रहा है। बीच-बीच में पड़ने वाले गांव कस्बों के बाजारों मे भारी भीड़ है। इसी भीड़ को चीरते हुए यात्र अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हुए आधी रात के बाद ही दिल्ली पहुंच सकी। इतने दिनों देशभर में यात्र के बाद आपने परिवार में पहुंचने का आनन्द से भरा सुख कैसा होता है उसका वर्णन करने के लिए शब्दों की कमी हो गई है, लेकिन मिलते ही पोती माही एंव पोता आरव सीधे अपने दादू की गोदी में चढ़कर थकी सी शक्ल को ऐसे देखने लगे जैसे समुन्द्र सी लहरे उनके अन्दर अनेक सवाल लिए उबाल मार रही हो।

उनके गोदी मे चढ़ जाने के साथ ही दो महीने की यात्र की थकान छूमन्तर हो गई। तारीख 20 की जगह 21 अक्टूबर हो चुकी थी, अतः परिवार की प्रतीक्षा थोड़ी ओर लम्बी हो गई। घर-परिवार के लिए निर्विधन सकुशल पहुंचना ही सबसे बड़ी सन्तुष्टि होती है। अतः इसी सन्तुष्टि के साथ आज घर का खाना खाकर मन को भी सन्तुष्टी मिल गई। लेकिन अभी यात्र सम्पन्न नहीं हुई थी, क्योंकि यात्र को फ्रलैगाफ कर माननीय मन्त्री सूचना व प्रसारण मंत्रलय श्री प्रकाश जावडेकर जी ने रवाना किया था, उन्हें यात्र की पहुंच रिपोर्ट के बिना यात्र का सम्पन्न नहीं किया जा सकता था, अतः सुबह-सुबह श्री प्रकाश जावडेकर जी को जाकर यात्र के दिल्ली पहुंच जाने की रिपोर्ट दी। मन्त्री जी के द्वारा दिए गए एक विशेष सन्देश को देशभर में पहुंचा कर अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार यात्र निर्विध्न पूर्ण सफलता के साथ दिल्ली पहुंच गई है, इसका उन्होंने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और ‘गो ग्रीन गो डिजीटल’ पर की जा ने वाली इस दसवीं चेतना यात्र को सम्पन्न किया।

सूचना व प्रसारण एवं पर्यावरण वन मन्त्री श्री प्रकाश जावडेकर जी का प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट डिजीटल इण्डिया पर दिए गए विशेष वीडियों सन्देश का देशभर में पहुंचाने में विशेष भूमिका इस यात्र में निभाई गई। डिजीटल इण्डिया के लिए देशभर के केबल टी-वी- ऑपरेटरों एम-एस-ओ- एंव देशभर के तमाम दूरदर्शन केन्द्रों के सहित डीटीएच एवं केबल टी-वी- ऑपरेटरों को भी सन्देश दिया गया। मन्त्री जी के सन्देश को देशभर में पहुंचाने के लिए इलैक्ट्रानिक व प्रिण्ट मीडिया का भी पूरा सहयोग लिया गया। डिजीटल इण्डिया के साथ-साथ मन्त्री जी ने गो ग्रीन पर भी अपना विशेष सन्देश दिया था जो कि देश के कौने-कौने तक इस यात्र द्वारा पहुंचाया गया। अपने बच्चों को स्वस्थ वातावरण देने के लिए सबको अधिक वृक्षापण करना चाहिए एंव पानी की बर्बादी को रोकना चाहिए व बिजली की बचत करनी चाहिए, आदि सन्देश माननीय मन्त्री जी ने गो ग्रीन पर दिया था, जिसे चेतना यात्र के दौरान देशभर में पहुंचाने के साथ-साथ हमने सभी से एक शपथ भी ली कि 28 मार्च 2015 पृथ्वी दिवस के अवसर पर वह स्वंय तो एक घण्टे के लिए बिजली बचाने के अभियान में शामिल होकर बिजली से चलने वाले सभी उपकरणों को बन्द रखेगे एंव जहां तक उनकी पहुंच है वहां तक भी यह सन्देश देकर उन सबसे भी एक घण्टे के लिए बिजली का इस्तेमाल ना करने का आग्रह करेंगे।

देशभर के समस्त एम-एस-ओ- दूरदर्शन केन्द्र के केबल टी-वी- ऑपरेटरों सहित डी-टी-एच- के ऑपरेटर सभी मिलकर 28 मार्च 2015 को पृथ्वी दिवस के अवसर पर उर्जा बचाओ अभियान के अर्न्तगत एक घण्टे के लिए बिजली का इस्तेमाल नहीं करेंगे और जहां तक उनकी पहुंच है, वहां तक वह सभी को प्ररित करने का प्रयास करेंगे। एसी शपथ हमने देशभर में हुई मीटिंगों में सबसे ली है। अब देखना है कि आने वाली 28 मार्च 2015 को पृथ्वी दिवस के अवसर पर हमारा देश पृथ्वी को क्या उपहार देगा। अगर सभी ने अपनी शपथ को निभाया एंव उनके आग्रह को देशभर के तमाम टी-वी- दशर्को ने भी अपनाया तब एक घण्टे के लिए बिजली से चलने वाले उपकरणों मे यदि करोडो टेलिविजन सैट्टॉप बॉक्स फ्रिज, एयर कण्डीशन्स, स्टूडियोज, लाइटस आदि भी बन्द रखे गए तब भी करोड़ो यूनिट बिजली देश की बचेगी।

सब कुछ सम्भव हो सकता है, आवश्यक्ता सिर्फ एक ईमानदार शुरूआत की हुआ करती है। पिछली यात्रओं में देशभर में लगाए गए पौधे अब बड़े हो रहे हैं, उन्हें देखकर बहुत खुशी मिलती है, खुशी तब और भी अपार हो जाएगी जब लोग उर्जा बचाने की जरूरत को समझने लगेगे। चेतना यात्र के द्वारा दिए गए मन्त्री जी के सन्देश के प्रति देशभर के लोगों का पृथ्वी दिवस के अवसर पर ऐसा सहयोग अद्भुत व अविश्मरणीय होगा। इस प्रकार उर्जा बचाने का एक मुख्य सन्देश हम पूरी दुनिया को पहुंचा सकेंगे। एक सितम्बर 2014 को मन्त्री जी द्वारा फ्रलैगाफ किए जाने से आरम्भ हुई यह ‘‘चेतना यात्र 10’’ दीपावली से दो दिन पूर्व 20 अक्टूबर 2014 को सफलता पूर्वक वापिस दिल्ली पहुंच गई, जिसे 21 अक्टूबर 2014 गर्मजोशी के साथ स्वागत कर माननीय मन्त्री श्री प्रकाश जवडेकर जी द्वारा सम्पन्न करवाया गया, लेकिन स्मृतियां अभी भी ढे़राें बाकी है जिनको शब्दों में नहीं पिरोया जा सका है। ऐसी ही यात्र प्रत्येंक वर्ष जारी रहें, इन्ही आशाओं के साथ चेतना यात्र 10 पाठकों को समर्पित है।

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